पाठ्यक्रम: जीएस-2/ शासन व्यवस्था; जीएस/3/ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी
सन्दर्भ
- अनुसंधान, विकास एवं नवाचार (RDI) कोष के अंतर्गत 22 निजी कंपनियों को रियायती ऋण (Soft Loans) वितरित किए गए।
RDI कोष का परिचय
- अनुसंधान, विकास एवं नवाचार (RDI) कोष की स्थापना सरकार द्वारा 2025 में की गई थी।
- इस योजना के अंतर्गत छह वर्षों की अवधि में ₹1 लाख करोड़ का कोष बनाने की परिकल्पना की गई है।
- उद्देश्य: कृत्रिम बुद्धिमत्ता, क्वांटम प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष विज्ञान, रक्षा, रोबोटिक्स, स्वच्छ ऊर्जा, सेमिकण्डक्टर्स तथा डिजिटल स्वास्थ्य सेवा जैसे प्राथमिकता वाले गहन-प्रौद्योगिकी (Deep-Tech) क्षेत्रों में उन्नत अनुसंधान एवं नवाचार में संलग्न निजी क्षेत्र की कंपनियों को बिना संपार्श्विक, कम लागत वाले और दीर्घकालिक ऋण उपलब्ध कराना।
- प्रबंधन: यह कोष अनुसंधान राष्ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन (ANRF) के अंतर्गत संचालित किया जाता है, जो विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अधीन हाल ही में स्थापित एक वैधानिक निकाय है।
- ANRF के अंतर्गत एक विशेष प्रयोजन कोष (SPF) बनाया गया है, जो RDI कोष के लिए आवंटित धनराशि का संरक्षक है।
- कोष का वितरण: यह द्वितीय-स्तरीय कोष प्रबंधकों (SLFMs) के रूप में नामित संगठनों के माध्यम से किया जाता है, जो वित्तपोषण हेतु पात्र प्रौद्योगिकी संस्थाओं (ETEs) का चयन भी करते हैं।
- विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST) के अधीन एक वैधानिक निकाय प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड (TDB) तथा
- जैव प्रौद्योगिकी विभाग (DBT) के पूर्ण स्वामित्व वाली धारा 8 के अंतर्गत स्थापित गैर-लाभकारी कंपनी बायोटेक्नोलॉजी इंडस्ट्री रिसर्च असिस्टेंस काउंसिल (BIRAC) को SLFM के रूप में चुना गया है।
- निवेश समिति: ETEs के मूल्यांकन एवं चयन की जिम्मेदारी उन निवेश समितियों को सौंपी गई है, जिन्हें प्रत्येक SLFM अलग-अलग गठित करता है।
- SLFMs विस्तृत पृष्ठभूमि जाँच सहित विभिन्न आकलनों के बाद अंतिम निर्णय लेते हैं, किंतु जिस कंपनी की अनुशंसा निवेश समिति नहीं करती, उसका चयन नहीं किया जाता।
- ऋण का प्रकार: ETEs को RDI कोष से उनकी परियोजना लागत का अधिकतम 50% तक ऋण प्राप्त हो सकता है। ये बिना संपार्श्विक (Collateral-Free) ऋण हैं, जिन पर लगभग 2–4% ब्याज दर लागू होती है तथा इनकी अवधि 15 वर्ष होती है।
- आवेदन हेतु पात्रता: केवल वे प्रौद्योगिकियाँ आवेदन कर सकती हैं, जो TRL-4 स्तर (प्रयोगशाला परिस्थितियों में उत्पाद का सत्यापन) तक पहुँच चुकी हों।
- प्रस्तावों का मूल्यांकन वैज्ञानिक, तकनीकी, वित्तीय एवं वाणिज्यिक आधारों पर किया जाता है तथा निर्णय बहुमत के आधार पर लिया जाता है।
प्रौद्योगिकी तत्परता स्तर (TRL)
- TRL (Technology Readiness Level) एक ऐसा मापदंड है, जिसका उपयोग विकसित की जा रही प्रौद्योगिकी की परिपक्वता (Maturity) को मापने के लिए किया जाता है।
- TRL-1, जो इसका सबसे निम्न स्तर है, तब प्राप्त होता है जब किसी वैज्ञानिक सिद्धांत को प्रौद्योगिकी में परिवर्तित करने के मूलभूत सिद्धांत स्थापित हो जाते हैं।
- TRL-9, जो इसका सर्वोच्च स्तर है, उस प्रौद्योगिकी को दर्शाता है जो वास्तविक परिचालन परिस्थितियों में सफलतापूर्वक सिद्ध हो चुकी हो।
स्रोत: IE
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